संयुक्त बयान – 10 वीं आरसीजी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (मु.का.अ.) की बैठक|

दिनांक 3-4 दिसंबर 2018 को मुंबई में एशिया पेसिफिक क्षेत्रीय सहयोग समूह के निर्यात ऋण एजेंसियों ( ईसीए ) के मु.का.अ. की 10 वीं वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया. ईसीजीसी द्वारा बैठक की अध्यक्षता एवं मेजबानी की गयी. बैठक में एशिया पेसिफिक के विभिन्न देशों / क्षेत्रों से ईऍफ़आईसी (EFIC), एचकेईसीआईसी (HKECIC), केश्युर (KSURE), नेक्सी (NEXI), सीनोश्युर (SINOSURE), टीईबीसी (TEBC), थाई एक्जिम (Thai Exim) एवं ईसीजीसी (ECGC) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।

ईसीए के सदस्य, सम्बंधित देशों / क्षेत्रों के अधिकारिक निर्यात एजेंसियां हैं जो ऋण बीमा, गारंटियां अथवा ऋणों के रूप में अंतर्राष्ट्रीय ( सीमा पारीय ) निर्यातों को सहायता प्रदान करती हैं. आरसीजी सदस्य बर्न यूनियन (ऋण एवं निवेश बीमाकर्ताओं का एक बड़ा समूह) द्वारा रिपोर्ट किये गए कुल निर्यात ऋण एवं बीमा कारोबार में लगभग एक तिहाई से ज़्यादा का योगदान रखते हैं ।

सदस्यों ने नोट किया कि 2008 के वित्तीय संकट के पश्चात वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि में एशिया पेसिफिक क्षेत्र का लगातार योगदान बना हुआ है. इसके सदस्य एशिया पेसिफिक राष्ट्रों एवं विश्व भर के देशों के बीच निर्यातों के संवर्धन के लिए सहयोग एवं संयुक्त उपक्रमों में विस्तार हेतु लगातार अपना योगदान दे रहे हैं ।

आर्थिक विकास में, एसएमई (SME) की भूमिका के महत्त्व को देखते हुए सदस्यों द्वारा अपने निर्यातोंमुख एसएमई को जानकारी प्रदान करने एवं शिक्षित करने के लिए आरम्भ किये गए नए पहलों पर चर्चा की गयी. चर्चा में शामिल अन्य विषयों में बीमांकन नीति पर प्रतिबंधों का प्रभाव एवं नयी जोखिम तथा निर्यात वसूलियों के विलम्ब पर सदस्यों का दृष्टिकोण शामिल हैं ।

आरसीजी में क्षेत्र के भीतर इसकी भागीदारी को मजबूत बनाने की दृष्टी से सदस्यता में विस्तार करने के मुद्दे पर भी चर्चा की गयी ।

प्रतिनिधियों को निर्यात ऋणों पर अंतर्राष्ट्रीय स्थाई समूह (IWG) एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर नवीनतम जानकारी से अवगत कराया ।

सदस्यों ने व्यापार एवं निवेश में तेजी लाने के लिए आपसी सहयोग एवं समर्थन पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया ।


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