निर्यात वित्त (ईएफ)

बैंकों के लिए निर्यात ऋण बीमा

निर्यात वित्त (ईसीआईबी – ईएफ)

निर्यात ऋण बीमा – निर्यात वित्त (ईसीआईबी – ईएफ)


पात्रता :

विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए प्राधिकृत बैंक अथवा वित्तीय संस्थान निर्यात वित्त रक्षा अपने प्रत्येक निर्यातक ग्राहक के लिए प्राप्त कर सकते है जिनको मानक आस्तियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है और जिनका गोपनीय रिपार्ट ईसीजीसी को स्वीकार्य हैं।

रक्षा की अवधि :

12 माह

पात्र अग्रिम

पोत-लदानोत्तर स्थिति में प्राप्त प्रोत्साहन जैसे नकद सहायता, शुल्क वापसी आदि पर दिए जानेवाले आग्रमों पर।

प्रस्तुत सुरक्षा :

हानि पर दीर्घकालीन चूक अथवा निर्यातक के दिवालिया होने के कारण प्रोत्साहनों पर दिए गए पोत-लदानोत्तर अग्रिम में विस्तार।

रक्षा का प्रतिशत :

75%

प्रीमियम :

माह के दौरान किसी भी दिन तक बकाया उच्चतम राशि पर प्रति माह प्रति 100/-रुपये पर 6 पैसे।

अधिकतम देयता :

खाते के मंजूर पोत-लदानोत्तर सीमा का 75%।

बैंकों के महत्वपूर्ण दायित्व :

अगले माह के 10 तारीख के पहले स्वीकृत मासिक घोषणाएँ एवं प्रीमियम का भुगतान करना। 360 दिनों के बाद देय तिथि में विस्तार के लिए निगम से अनुमोदन प्राप्त करना। देय तिथि अथवा अग्रिम की विस्तारित देय तारीख से 4 माह के भीतर चूक की रिपोर्ट करना यदि वसूली नहीं हुई तो चूक की रिपोर्ट दाखिल करने से 6 महिनों के भीतर दावा दायर करना। दावें के भुगतान के बाद वसूली कार्रवाई और वसूली की हिस्सेदारी करना।

मुख्य विशेषताएँ :

बैंक चयनात्मकता से रक्षा प्राप्त कर सकते हैं। बैंक जिन्होंने ईसीआईबी-डब्ल्यू़टी़पी़एस़ प्राप्त की है, रियायती प्रीमियम दर और लागू अधिक सुरक्षा के लिए पात्र होंगे।