कोविड-19 के कारण ईसीजीसी योजना के तहत अनुपालन के लिए समय सीमा में छूट|

  

निर्यातक के लिए

1. पॉलिसीधारकों को सभी रिटर्न, विस्तार अनुरोध, डिफ़ॉल्ट अधिसूचना आदि के लिए समय सीमा 31/08/2020 तक बढ़ा दी गई है।

2. दावा दायर करने, दावों का जवाब देने, अभ्यावेदन का समय 31/08/2020 तक बढ़ा दिया गया है।

3. जो पोतलदान अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच गए हैं परंतु गंतव्य देशों में कोविड -19 के फलस्वरूप लॉकडाउन के कारण विदेशी खरीदारों द्वारा पोतलदान का निपटान नहीं किया जा सका है, निर्यातक को ऐसे पो़तलदान के लिए भुगतान की शर्तों को डीपी से डीए में परिवर्तित करने की अनुमति है|

4. मार्च 2020 में समाप्त होने वाली विशिष्ट शिपमेंट पॉलिसी स्वचालित रूप से जून 2020 तक बढ़ा दी गई है।

  

पॉलिसी योजनाओं के अधीन दावों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रश्न : यदि खरीदार ने कोविड-19 के फलस्वरूप लॉक डाउन के कारण उनके द्वारा पहले स्वीकार किए गए पोतलदानों के लिए भुगतान की देय तारीख में विस्तार का अनुरोध करे?

उत्तर : ईसीजीसी ने , खरीदार द्वारा पहले ही स्वीकार किए गए पोतलदानों के भुगतान के लिए देय तारीख में विस्तार हेतु निर्यातकों को विवेकाधिकार प्रदान किया है.

2. प्रश्न : जो पोतलदान अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच गए हैं परंतु गंतव्य देशों में कोविड -19 के फलस्वरूप लॉकडाउन के कारण विदेशी खरीदारों द्वारा पोतलदान का निपटान नहीं किया जा सका है, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?

उत्तर : ईसीजीसी द्वारा, जो पोतलदान अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच गए हैं परंतु गंतव्य देशों में कोविड -19 के फलस्वरूप लॉकडाउन के कारण विदेशी खरीदारों द्वारा पोतलदान का निपटान नहीं किया जा सका है, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए निर्यातकों को पुन: बिक्री / पुन: आयात / परित्याग संबंधी निर्णय लेने के लिए विवेकाधिकार प्रदान किए गए हैं.

3. प्रश्न : कोविड -19 के फलस्वरूप लॉकडाउन के कारण पॉलिसी के अधीन चूक की रिपोर्ट दायर करने में विलंब होने पर क्या परिणाम होंगे?

उत्तर : मार्च 2020 के माह के लिए ईसीजीसी को प्रस्तुत किए जाने वाले चूक की रिपोर्ट की देय तारीख की अवधि को 31/08/2020 तक कर दिया गया है.

4. प्रश्न : कोविड -19 के फलस्वरूप किये गए लॉकडाउन कारण पॉलिसी के अधीन दावा दायर करने में विलंब होने का परिणाम क्या होगा?

उत्तर : दिनांक 01.03.2020 तक अथवा उसके पश्चात दायर किए जाने वाले दावों को विस्तारित अवधि दिनांक 31/08/2020 तक दायर किया जा सकता है.

5. प्रश्न : यदि पूर्व में ईसीजीसी द्वारा नामंजूर दावों के प्रतिवेदन की प्रस्तुति में विलंब का परिणाम क्या होगा?

उत्तर : दावों के प्रतिवेदन को दायर करने की समय सीमा को बढ़ा कर 31/08/2020 कर दिया गया है.

6. प्रश्न : ईसीजीसी के समक्ष पहले ही दायर दावों के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले अतिरिक्त दस्तावेजों / प्रश्नों के उत्तर में विलंब होने के क्या परिणाम हैं?

उत्तर : ईसीजीसी के समक्ष पहले ही दायर दावों के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले अतिरिक्त दस्तावेजों / प्रश्नों के उत्तर के लिए समय सीमा को बढ़ाकर 31/08/2020 कर दिया गया है

7. प्रश्न : कोविड -19 के कारण उत्पन्न संकट को देखते हुए दावों के भुगतान की समय सीमा क्या है?

उत्तर : कोविड -19 के फलस्वरूप उत्पन्न हानि के कारण दावों के भुगतान हेतु प्रतीक्षा अवधि को वर्तमान सामान्यतया देय तारीख से 4 माह से घटाकर 1 माह कर दिया गया है जो कि आवश्यक दस्तावेजों की प्रस्तुति के अधीन होगा. यह 31.03.2021 तक प्रभावी होगा.

  

बैंक के लिए

1. पी सी अग्रिमों के अधीन 360 दिनों और पी एस अग्रिमों के अधीन 180 दिनों की अवधि (हैसियत धारकों के लिए 360 दिन) से अधिक अवधि वाले अग्रिमों की देय तारीख में विस्तार करने एवं ईसीआईबी रक्षा के अधीन चूक की रिपोर्ट दायर करने की समय सीमा मई 2020 तक बढ़ा दी गई है।

2. मार्च 2020 के माह के लिए मासिक घोषणा प्रस्तुत करने की अवधि , मई, 2020 तक बढ़ायी गई है (सभी निर्यातकों और बैंकों के लिए उपलब्ध)। तथापि , कृपया नोट करें कि प्रीमियम के भुगतान के लिए समय सीमा में विस्तार लागू नहीं है, क्योंकि यह डिजिटल मोड अर्थात RTGS / NEFT आदि के माध्यम से किया जा सकता है। जहां वास्तविक प्रीमियम की गणना संभव न हो एसी स्थिति में अनुमानित आधार पर प्रीमियम की अदायगी की जाए।

3. इस अवधि में प्रस्तुत किए जाने वाले दावों/उनके उत्तरों की समय सीमा को 31/08/2020 तक बढ़ा दिया गया है।

4. ईसीआईबी पी सी एवं पी एस के अंतर्गत बैंकों द्वारा दिनांक 31/07/2020 तक जारी अग्रिमों की देय तिथि में शिपमेंट की तारीख से अधिकतम 15 महीनों की अवधि के विस्तार के विवेकाधिकार ईसीजीसी द्वारा बैंकों को प्रदान किए गए हैं।

  

ईसीजीसी द्वारा किए गए अतिरिक्त उपाय

1. 31/08/2020 तक साख सीमा आवेदन शुल्क से छूट।

2. 1 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2020 तक नवीकरण के लिए देय / जारी किए जाने वाली पॉलिसियों के लिए प्रस्ताव शुल्क में 50% की कटौती।

3. निर्यातकों के विवेकाधिकार-
क. पूर्व में स्वीकृत पोतलदानों के लिए खरीदारों द्वारा देय भुगतान की देय तारीख में विस्तार।
ख. गंतव्य स्थल तक पहुंचे परंतु गंतव्य देशों में लॉक डाउन के कारण विदेशी खरीदारों द्वारा पोतलदान प्राप्त न किए जाने के कारण माल की पुन:बिक्री / पुन: आयात अथवा परित्याग करने पर निर्णय।

4. दावा पात्रता अवधि ( प्रतीक्षा अवधि ) को वर्तमान 4 माह की तुलना में कम कर 1 माह किया गया।

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