सम्पूर्ण पन्यवार्ट पैकिंग ऋण – ( डबल्यू टी पी सी )

बैंकों के लिए निर्यात ऋण बीमा

पात्रता :

विदेशी मुद्रा लेनदेन करने वाले बैंक अथवा वित्तीय संस्थान अपने सभी खातों के लिए संपूर्ण पण्यावर्त रक्षा प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।

रक्षा की अवधि :

12 माह

न्यूनतम मानदंड

खातों की संख्या : 50; न्यूनतम बीमाकृत प्रीमियम : 50 लाख रु।

पात्र अग्रिम

भारतीय रिजर्व बैंक के मार्गदर्शी सिद्धांतो के अनुसार सभी पैंकिंग ऋण अग्रिम अनुरूप है।

प्रस्तुत सुरक्षा:

हानि पर दीर्घकालीन चूक अथवा निर्यातक के दिवालिया होने के कारण पैंकिंग ऋण अग्रिम में विस्तार।

रक्षा का प्रतिशत:

बैंक जो पहली बार रक्षा ले रहे हैं, उनके लिए निर्धारित ग्रेड प्रतिशत सीमा 75% और उससे अधिक के लिए 65% होगी। (अन्य के लिए बैंक के दावा प्रीमियम अनुपात पर 55% से 75% के बीच आधारित है।) लघू निर्यातक (एसएसआई) / लघू उद्योग इकाईयों के लिए (एसएसआई) 90% हैं।

प्रीमियम:

नई रक्षा के लिए 9 पैसे। (अन्य के लिए 6 से 13.5 पैसे प्रति 100 रु़ प्रति माह के बीच दावा प्रीमियम अनुपात पर आधारित है।)

अधिकतम देयता:

समग्र सीमा जहाँ तक किसी ईसीआईबी वर्ष में स्वीकृत आग्रमों के संबंध में निगम द्वारा दावों का भुगतान किया जा सकता है और उसका कुलबकायों के आधार पर निर्धारण किया जाएगा।

बैंकों के महत्वपूर्ण दायित्व:

माह के अंत के पहले स्वीकृत मासिक घोषणाएँ एवं प्रीमियम का भुगतान करना। 360 दिनों के बाद देय तिथि में विस्तार के लिए निगम से अनुमोदन प्राप्त करना। देय तिथि अथवा अग्रिम की विस्तारित देय तारीख से 4 माह के भीतर चूक की रिपोर्ट करें यदि वसूली नहीं हुई तो चूक की रिपोर्ट दाखिल करने से 6 महिनों के भीतर दावा दायर करना। दावें के भुगतान के बाद वसूली कार्रवाई और वसूली की हिस्सेदारी करना।

मुख्य विशेषताएँ:

एसएसआई,सरकारी कपनियाँ एवं रक्षा के अंतर्गत आने वाली ओबीयू की ईकाइयों के अपवर्जन के विकल्प का उपयोग बैंक कर सकते हैं। सभी खातों के लिए प्रस्तुत किए गए एकल प्रस्तावों को शामिल किया जाना है। (माह के कुल बकायों पर प्रीमियम देय है। अगले माह के अंत तक घोषणा प्रस्तुत करें।) व्यक्तिगत ऋण बीमा रक्षा की तुलना में अधिक सुरक्षा और न्यूनतम प्रीमियम दर। कम प्रक्रियात्मक औपचारिकताएँ,प्रशासनिक कार्य और अधिक उपयुक्तता।

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क्षेत्र वार – पैंकिंग ऋण (ईसीआईबी – एस़आई़पीसी)

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